दोस्तों,अक्सर हम सोचते है कि, चमत्कार केसे होते है?
जब भगवान कि मर्जी हो और वो हम पर मेहरबान हो तो चमत्कार यूँ होते है जैसे पलक झपकते ही दुनिया बदल जाती है, दोस्तों ऐसा ही चमत्कार कल मेरी जिंदगी में हुआ है..
दोस्तों आज से लगभग १७ साल पहले मेरी बहन चुखु एमी खो गयी थी.. में कितने ही सालो से से ढूंढ रहा था.. पिछले छ महीने से तो मैं लगातार अपनी पूरी ताकत लगाकर उसे ढूंढ रहा था, पर मेरी ताकत से ज्यादा बढ़कर ताकत है इन्टरनेट कि ताकत.. और इन्टरनेट ने मुझे मेरी बहन से मिला दिया.. और ये कारनामा कर दिखाया है, facebook पर मेरी दोस्त सुनीता थापा ने.. सुनीता थापा ने बेहद कोशिश करके आखिरकार मेरी बहन को खोज निकाला.. में तो अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ो में उसे जिंदगी भर नहीं ढूढ़ सकता था, में बेहद शुक्रगुजार हूँ सुनीता थापा का जिन्होंने मुझ पर ये अहसान किया है.. मैं अपनी पूरी जिन्दगी उनके प्रति नत मस्तक रहूँगा..
उनके लिए कुछ लाइन..
मेहनत से रोटी मिलती है,
और किस्मत से दौलत मिलती है,
खुदा कि ख़ास नजर हो जिस बंदे पर,
उसे दुनिया में दोस्ती सुनीता थापा कि मिलती है...
